STORYMIRROR

AVINASH KUMAR

Romance

3  

AVINASH KUMAR

Romance

तू ही हमारा प्यार है

तू ही हमारा प्यार है

1 min
182

फागुन सी बौछार है 

अस्तित्व का उपहार है 

बहके ना कैसे हम याराँ 

तू ही हमारा प्यार है। 


तू ही मन का मीत है 

जीवन का संगीत है 

हम तो केवल प्रेमी हैं जी 

 तू ही हमारा तीर्थ है। 


जीवन केवल वर्तुल था 

अब नर्तक सा जीवन है 

पिंजरे का इक पंछी था 

  अब तुझ सा आकाश है।  


हम तो हैं इक जर्रा केवल 

तू ही हमारा कुटुंब है 

प्रेम के पिपासु का 

महाचेतन महाकुम्भ है। 


अस्तित्व फिर सिमट कर देखो 

 रास रचाने आया है 

सदियां सिमट कर झूम उठी है 

तुझ पर ही प्यार आया है।। 


हम तो बस तुझे देख के खुश

दुनिया एक छलावा है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance