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Shreeya Dhapola

Drama

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Shreeya Dhapola

Drama

तू अकेली ही काफी है

तू अकेली ही काफी है

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तू अकेली ही काफी है अपने लिए

तू अकेली ही लड़ सकती है अपने लिए


चरागों को अक्सर बुझाती है हवाएं

तू अकेली ही जला सकती है लौ अपने लिए


तोड़ता है ये जहां भरोसा हर कदम पर

तू अकेली ही तय कर सकती है मंज़िल अपने लिए


ये दुनिया वार करती है कमजोरियों पर

तू अकेली ही बन सकती है ताकत अपने लिए


अरे तू डर मत इन आने वाले तूफ़ानों से

तू अकेली ही रुख मोड़ सकती है इनका अपने लिए।


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