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SANDIP SINGH

Romance

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SANDIP SINGH

Romance

तुमसे मिलकर ज़िंदगी

तुमसे मिलकर ज़िंदगी

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दिल के करीब तुम्हारा एहसास है,

प्यार तुम्हारा मेरे लिए बहुत खास है,

तुमसे मिलकर जिन्दगी चमक गई:

तुम से ही दुनिया मेरी आबाद है।


तुम मेरे लिए हूर हो परी हो नूर हो,

जिंदगी की असली मक़सद तुम हो,

तुम फूल हो और मैं हूं तेरा खुशबू

अब साथ में सपने सब ही मंसूब हो।


ये ज़िन्दगी मैंने तेरे नाम कर दिया है,

तुझेअपना अब राजदार बना लिया है,

तुम बिन यह ज़िंदगी लगती है अधूरी

तुमने मेरी प्यास को पूरी कर दिया है।


होगा सुन्दर सा एक अपना परिवार,

उसमें नन्हेनन्हे होंगें दो जीव हकदार,

खुशियां ही खुशियां घर में रहेगा सदा

सादगी से निभाता चलूं यहां किरदार।


करे परिश्रम से घर को सजाऊंगा,

कभी तुझे अपने से दूर नहीं रखूंगा,

तुम मेरी परछाई हो जो सदा ही साथ

यह प्यार ऐसा ही यार निभाता रहूंगा।


गम को कभी भी पास ना आने दूं,

खुशी को कभी भी दूर ना जाने दूं,

सातजन्मों अपना साथ यूं ही रहे

कदमों में तेरे हसी सितारे बिछा दूं।


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