तुमसे ही
तुमसे ही
मेरी खुशी तुमसे मेरा गुस्सा तुमसे,
मेरी हँसी तुमसे मेरे आँसू तुमसे,
मेरी हर बात तुमसे है शुरू,
तुम्हारे अलावा उम्मीद किससे करूँ,
महसूस करती है हर पल ये रूह,
शायद याद मेरी भी तुम्हे आती होगी जरूर,
तुमहारे बिना जीवन सोचूं भी कैसे,
सपने जो देखें हैं अधूरे छोड़ू भी कैसे,
यादें बनती हैं पर कभी न हो अधूरी कहानी,
जो कहना हो कह दो बस एक ही है ज़िंदगानी।

