नमिता गुप्ता 'मनसी'
Romance
तुमसे बिना पूछे ही
"बहुत कुछ" तुम्हारा
सुहानी "याद" सा ,
समेटे हुए है
ये आंखें
न जाने कब से
..कहूं कैसे
बताओ तो !!
विश्वास हमारा...
सुन रहे हो न....
नदी की अभिलाष...
तुमने बचाए रख...
"मनसी".. बिल्...
प्रेम का पता
वो आदमी...
हम आएंगे तो..
कोहरा और धूप....
मैंने कब अपना...
आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर। आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर।
जाओ घटाओ जाओ जाओ, विरहाग्नि न भड़काओ तुम। जाओ घटाओ जाओ जाओ, विरहाग्नि न भड़काओ तुम।
तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था ! तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था !
अभियुक्त तुम इस जीवन की, आत्महंता लालसायें। अभियुक्त तुम इस जीवन की, आत्महंता लालसायें।
तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो। तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो।
लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में। लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में।
दूरी कब महसूस हुई है , पल पल साथ निभाया ! दूरी कब महसूस हुई है , पल पल साथ निभाया !
याद नहीं आ रही अब मुझे रुक्मणी और राधा.. चुंबकीय आकर्षण में तेरे हो गई अधीर और आधा.. याद नहीं आ रही अब मुझे रुक्मणी और राधा.. चुंबकीय आकर्षण में तेरे हो गई अधीर ...
शहर में तुम्हारी गंध फैली है अभी भी हर आयोजन में। शहर में तुम्हारी गंध फैली है अभी भी हर आयोजन में।
तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है। तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है।
प्रेम सुधा की प्यासी राधा ताप बिरह का कैसे सहे। प्रेम सुधा की प्यासी राधा ताप बिरह का कैसे सहे।
मैं तो अब भी वही हूँ कशमकश भरे कदम रखते हुए, हाथों में मेघदूत पकड़े, भारी पलकों को थामे... मैं तो अब भी वही हूँ कशमकश भरे कदम रखते हुए, हाथों में मेघदूत पकड़े, ...
पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं। पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं।
उदासियों का कर के आलिंगन, ले लो सुबह सवेरे अंगड़ाई। उदासियों का कर के आलिंगन, ले लो सुबह सवेरे अंगड़ाई।
इश्क़ को बस यही दीवानगी यही सुकून चाहिए। इश्क़ को बस यही दीवानगी यही सुकून चाहिए।
हैं तेरे बारे में तो बात बहुत , और कुछ मेरी अपनी बीती है ।। हैं तेरे बारे में तो बात बहुत , और कुछ मेरी अपनी बीती है ।।
पर्व आधुनिक प्रेम का, वैलिन्टाइन नाम। हमने भी विधिवत किया, एक एक सब काम।। पर्व आधुनिक प्रेम का, वैलिन्टाइन नाम। हमने भी विधिवत किया, एक एक सब काम।।
कुंद...सेमल...हरसिंगार...पलाश इन लताकुंजों को है तुम्हारी तलाश। कुंद...सेमल...हरसिंगार...पलाश इन लताकुंजों को है तुम्हारी तलाश।
दिल की अलमारी में मिल गई, अहसासों की पुरानी किताब। दिल की अलमारी में मिल गई, अहसासों की पुरानी किताब।
बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा। बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा।