नमिता गुप्ता 'मनसी'
Romance
तुमसे बिना पूछे ही
"बहुत कुछ" तुम्हारा
सुहानी "याद" सा ,
समेटे हुए है
ये आंखें
न जाने कब से
..कहूं कैसे
बताओ तो !!
विश्वास हमारा...
सुन रहे हो न....
नदी की अभिलाष...
तुमने बचाए रख...
"मनसी".. बिल्...
प्रेम का पता
वो आदमी...
हम आएंगे तो..
कोहरा और धूप....
मैंने कब अपना...
तुम खुशियों के शीशमहल में, तुम मेरी तन्हाई में.. तुम खुशियों के शीशमहल में, तुम मेरी तन्हाई में..
कोमल बांहें फैला जैसे आलिंगन जादू जगाया मन चितवन से व्याकुलता आलस को भगाया कोमल बांहें फैला जैसे आलिंगन जादू जगाया मन चितवन से व्याकुलता आलस को भगाया
"फूल" के लिए मोगरे के फूल लाया हूं बहारों से चुराकर थोड़ी महक लाया हूं। "फूल" के लिए मोगरे के फूल लाया हूं बहारों से चुराकर थोड़ी महक लाया हूं।
ना आज ये रात बीतेगी ना ही कोई समझ पाएगा , बारिश के इस आलम में जब वो यूं ही चला जाएगा, ना आज ये रात बीतेगी ना ही कोई समझ पाएगा , बारिश के इस आलम में जब वो यूं ही चल...
तेरे गाँव को जाती सड़क है न वहीं कहीं वो आखिरी मुलाकात होगी। तेरे गाँव को जाती सड़क है न वहीं कहीं वो आखिरी मुलाकात होगी।
प्रेम का ख़याल, प्रेम से भी बड़ा होता है। प्रेम का ख़याल, प्रेम से भी बड़ा होता है।
बस तुम यूं ही आ जाना...। बस तुम यूं ही आ जाना...।
एक मद सा है तुम्हारा होना, बहुत कुछ कह जाता है, तुम्हारा मौन। एक मद सा है तुम्हारा होना, बहुत कुछ कह जाता है, तुम्हारा मौन।
एक गीत अपनी मोहोब्बत के लिए।। एक गीत अपनी मोहोब्बत के लिए।।
मैं तो अपने को भूल रहा, तुम कर लेती हो याद मुझे। मैं तो अपने को भूल रहा, तुम कर लेती हो याद मुझे।
आसमान की कहानी सुनो, मिलन का मौसम है। प्यार की राहों में, सुबह की पहली किरन है। आसमान की कहानी सुनो, मिलन का मौसम है। प्यार की राहों में, सुबह की पहली किरन ह...
मैं बन जाती थी आसमान, वो तारा बनकर मुझमें बिखर जाता था... मैं बन जाती थी आसमान, वो तारा बनकर मुझमें बिखर जाता था...
इश्क़ है; सिलवटों से भरे बिस्तरों में, अपनी प्रेयषी की खुशबू को ढूँढना ! इश्क़ है; सिलवटों से भरे बिस्तरों में, अपनी प्रेयषी की खुशबू को ढूँढना ...
प्रीति रजनी जगाने लगती सुर्ख छुअन होती तन-मन में। प्रीति रजनी जगाने लगती सुर्ख छुअन होती तन-मन में।
पति को अपना सर्वस्व देनेवाली पत्नी... उसकी भावविभोर और अपने प्रियतम के प्यार का गुणगान करनेवाली यह क... पति को अपना सर्वस्व देनेवाली पत्नी... उसकी भावविभोर और अपने प्रियतम के प्यार का ...
पता नहीं कुछ वर्षों की या जन्मों का है सहारा ना तेरा ना मेरा कहता, कहता सब है हमारा। पता नहीं कुछ वर्षों की या जन्मों का है सहारा ना तेरा ना मेरा कहता, कहता सब है...
गिनना चाहती हूँ तारों को मैं, चाँद पर बैठना चाहती हूँ, थोड़ी देर... गिनना चाहती हूँ तारों को मैं, चाँद पर बैठना चाहती हूँ, थोड़ी देर...
मैं मचलती हूँ सात सुर-सी बजती वीणा-सी, कोई नश्तर नहीं मेरे वज़ूद के आसपास... मैं मचलती हूँ सात सुर-सी बजती वीणा-सी, कोई नश्तर नहीं मेरे वज़ूद के आसपास...
हवा में उड़ते सूखे पत्ते, सच्चे प्रेम के कुछ किस्से गाते पंछी। हवा में उड़ते सूखे पत्ते, सच्चे प्रेम के कुछ किस्से गाते पंछी।
वो मेरा पहला प्यार जो इन सांसों में बसा है खुशबू की तरह आज भी दिल को महक आता है फूलों की तरह आज ... वो मेरा पहला प्यार जो इन सांसों में बसा है खुशबू की तरह आज भी दिल को महक आता ...