STORYMIRROR

Archana Kewaliya

Romance

3  

Archana Kewaliya

Romance

तुम्हारी बातें

तुम्हारी बातें

1 min
99

कानों में रस घोलती तुम्हारी बातें 

दिल को दिल से जोड़ती तुम्हारी बातें 

मेरी तन्हाई को तोड़ती तुम्हारी बातें 

मद के प्याले सी नशीली तुम्हारी बातें 

उलझनों को सुलझाती तुम्हारी बातें 


जीने का उल्लास है तुम्हारी बातें 

ग़मों को भुलाती है तुम्हारी बातें 

चूड़ियों सी खनकती है तुम्हारी बातें 

गजरे सी महकती है तुम्हारी बातें 


मेरा रोम रोम पुलकित कर जाती तुम्हारी बातें 

मेरा घर आँगन महकाती तुम्हारी बातें 

जीवन में उल्लास भर जाती तुम्हारी बातें 

जब तुम नहीं होती हो तो बहुत याद आती हैं

तुम्हारी बातें 

मेरे तन मन में बस सी गईं हैं तुम्हारी बातें

सच में एक मीठा सा अहसास है तुम्हारी बातें 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance