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Aarti Sirsat

Romance

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Aarti Sirsat

Romance

तुम्हारे इंतज़ार में हूँ

तुम्हारे इंतज़ार में हूँ

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बेपनाह थी.....बेइतहां थी.....

बेमिसाल थी.....

मोहब्बत हमारी तुम पर बेपनाह थी...!

अब बेपरवाह हूँ.....

बेसबर हूँ.....

बेबस हूँ.....

बेख्याली हूँ.....

बेकस हूँ.....

बेकरार हूँ.....

तुम्हारे इंतज़ार में हूँ...!!


पागल थी.....

मरती थी.....

जीती थी.....

गाती थी.....

तुम्हारी मोहब्बत की माया में रोजाना खोती थी...!

अब खामोश हूँ.....

लापरवाह हूँ.....

खोई हूँ.....

ना जागी ना सोई हूँ.....

रात रात भर रोई हूँ.....

तुम्हारी यादों की बारिशों में हूँ...!!

  


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