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Dr pratap Mohan Bhartiya Bhartiya

Tragedy

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Dr pratap Mohan Bhartiya Bhartiya

Tragedy

तुम्हारे दिये दर्द

तुम्हारे दिये दर्द

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तुम्हारे दिये दर्द 

तुम्हारी याद दिलाते हैं 

मेरे दिल के घावों को 

और ताजा कर जाते हैं


जब दर्द ही देना था 

तो तुमने प्यार क्यों किया 

अपने साथ ही मेरा

जीवन भी बर्बाद क्यों किया 

 

सच्चे प्रेमी प्यार मैं 

दर्द नहीं देते हैं 

वो तो हर दर्द को 

अपना समझ कर सहते हैं


उफ़ भी नहीं करते 

दर्द पाकर 

रोते रहते हैं 

चेहरा छुपाकर 


ऐसी क्या मजबूरी थी 

कि मुझे धोका दिया

प्यार की जगह 

दर्द ही दर्द दिया 


अब तुम्हारे दर्द ही 

अमानत है मेरे पास

जिंदगी भर रहेगें 

वो मेरे खास 


तुम्हें कोई दर्द न दे 

मेरी यही दुआ है 

मत करना किसी से छल‌ 

जो मेरे साथ हुआ है।



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