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Dr pratap Mohan Bhartiya Bhartiya

Inspirational

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Dr pratap Mohan Bhartiya Bhartiya

Inspirational

भारत की आत्मा हिंदी

भारत की आत्मा हिंदी

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हिंदुस्तान की आत्मा 

हैं हिंदी 

भारत के माथे 

की है यह बिंदी।


आज कल हिंदी है

किसी 

कोने में पड़ी।

अंग्रेजी हैं इसके 

सामने 

रोड़ा बनकर खड़ी।


हिंदी को रख दिया 

है हमने तोड़ मरोड़कर।

अंग्रेजी भाषा के

नए नए शब्द जोड़कर।


हिन्दुस्तान में अब

हिंदी दिवस

मनाना पड़ता है।

हम हिंदी है ये 

अब हमें याद 

दिलाना पड़ता है।


भाषा ही हमारी 

मां है।

भाषा ही हमारी 

जान।

इसलिए करो

जी जान से 

हिंदी का सम्मान।


हिंदी को हम 

अंतर्राष्ट्रीय भाषा 

बनाएंगे 

अंग्रेजों ने थोपी 

हम पर अंग्रेजी 

उसका 

बदला चुकाएंगे।



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