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Dr pratap Mohan Bhartiya Bhartiya

Romance

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Dr pratap Mohan Bhartiya Bhartiya

Romance

दिल में तुम्हारी याद

दिल में तुम्हारी याद

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तुम्हारी याद मुझे

हर वक्त आती है।

दिल की गहराइयों

में समा जाती है।


इतना लम्बा साथ था

कैसे भूलूंगा तुम्हें।

जब तक जिंदा रहूंगा

याद करता रहूंगा तुम्हें।


जब कभी तुम्हारी कही

कोई बात याद आती है।

फिर तुम्हारी मोहिनी

सूरत मेरे सामने आती है।


तुम रहती हो मेरे दिल में

कोई तुम्हें नही निकाल पायेगा।

किराया दो या मत दो

पर यह तुम्हारा घर कहलायेगा।

 

मैं किसी को याद नहीं

करता दिल की गहराइयों से।

केवल एक तुम हो जो 

रहती हो दिल की गहराइयों में।

 

जब तक जिंदा हूं

तुम्हें याद करता रहूंगा।

हर जन्म में तुमसे मिलने 

की फरियाद करता रहूंगा।

      


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