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Shirish Pathak

Romance

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Shirish Pathak

Romance

तुम्हारा साथ

तुम्हारा साथ

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तुम मुझसे हर मामले में बेहतर हो

हर बात को अच्छे से समझती भी हो

तुम को लगता है की मैं नहीं समझता हूँ

तुम्हारी बातें

या तुम को दुःख पहुँचता हूँ मैं

 

तुम को यूँ शांत देखना बहुत भारी

लगता है मुझ को

और वो भी जब तुम मुझसे नाराज़

हो जाती हो

तुम को मनाना मुझ को बेहद पसंद है

पर ऐसा भी नहीं है की तुम को रूठे हुए

देखना चाहता हूँ मैं

 

हाँ मैं जानता हूँ मैं तुम को हमेशा

खुश देखना चाहता हूँ

पर जब तुम मान जाती हो और

मुस्कुराती हो

यकीन मानो जी चाहता है

वक़्त को वही थाम लूँ

और तुम्हारे चेहरे की मुस्कराहट को

हमेशा के लिए तुम्हारे चेहरे पे ही सजा दूँ

 

तुम मेरी हो और मेरी ही रहोगी

हाँ मैं बांधूंगा नहीं तुम को किसी बंधन में

न ये चाहूँगा के तुम मुझे अपना न मानो

जो भी हो तुम मुझपे भरोसा भी रखना

मैं सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा ही रहूँगा

 

मेरे लिए तुमसे साथ वैसा ही है

जैसा हमारा सांस लेना होता है

तुम्हारा ये साथ जब मिलता है

लगता है जैसे सब कुछ मिल गया हो

मुझ को

और जब तुम चुप हो जाती हो लगता है

जैसे मेरे लिए इस जीवन में कुछ नहीं

बचा है

मैं चाहता हूँ तुम को अपने अन्दर

समा लेना जहाँ तुम को कोई भी

जुदा नहीं कर पाए



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