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Shirish Pathak

Abstract

3.2  

Shirish Pathak

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तुम खास हो मेरे लिए

तुम खास हो मेरे लिए

1 min
132


तुम जीवन को पूरा करती हो

एक ऐसे इंसान के रूप में

जो हमेशा ज़रूरी है मेरे लिए


कितना वक़्त हमने साथ बिताया है

खेलते मुस्कुराते चिंताओं से दूर


तुम हर वक़्त मेरे साथ खड़ी रहती हो

इस बात की परवाह किए बगैर आगे क्या होगा

मुझसे बेहतर जानती हो मुझको

और बिना बोले ही मेरी बातें मान लेती हो


कई बार तुमको कहना चाहता हूं

तुम्हारे जैसी बहन मिलना मुश्किल है

जो मेरी परेशानियों को अपना बना ले

और फिर भी मेरे लिए हमेशा मुस्कुराती रहे


तुम खास हो मेरे लिए

वैसे ही जैसे कड़ी धूप में छांव होता है!



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