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Shirish Pathak

Abstract

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Shirish Pathak

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तुम खास हो मेरे लिए

तुम खास हो मेरे लिए

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तुम जीवन को पूरा करती हो

एक ऐसे इंसान के रूप में

जो हमेशा ज़रूरी है मेरे लिए


कितना वक़्त हमने साथ बिताया है

खेलते मुस्कुराते चिंताओं से दूर


तुम हर वक़्त मेरे साथ खड़ी रहती हो

इस बात की परवाह किए बगैर आगे क्या होगा

मुझसे बेहतर जानती हो मुझको

और बिना बोले ही मेरी बातें मान लेती हो


कई बार तुमको कहना चाहता हूं

तुम्हारे जैसी बहन मिलना मुश्किल है

जो मेरी परेशानियों को अपना बना ले

और फिर भी मेरे लिए हमेशा मुस्कुराती रहे


तुम खास हो मेरे लिए

वैसे ही जैसे कड़ी धूप में छांव होता है!



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