STORYMIRROR

Vijay Kanaujiya

Romance

3  

Vijay Kanaujiya

Romance

तुम साथ मेरा देते रहना

तुम साथ मेरा देते रहना

1 min
337

हे मीत मेरे, मनमीत

मेरे जीवन के हर पथ पर

तुम साथ मेरा देते रहना

मेरे गुनगुनाते होठों पर

संगीत सदा देते रहना

होता है सहज सफर मेरा

जब साथ मेरे तुम होते हो


यूं सतत प्रक्रिया बनी रहे

संबंधों के परिधानों में

होता है जब एकाकी मन

तुम पूरक बनकर आते हो

मेरे वीराने मन में

तुम प्यारा सा दीप जलाते हो

एहसास मधुर संबंधों का

यूं सदा हमेशा बना रहे

मेरे सपनों के आँगन में

मनमंदिर तेरा सजा रहे


न विरह वेदना हो कोई

रिश्तों के इन खलिहानों में

तुम साथ सदा देते रहना

रिश्तों के इन परिधानों में

रिश्तों के इन परिधानों में..।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance