Aishani Aishani
Fantasy
तुम कहो क्या लिखूँ..?
कलम ख़ामोश नहीं
अल्फाज़ मुझसे कुछ
ख़फ़ा ख़फ़ा से हैं..!
केवल आप ही पा...
तुम सूरज सा ब...
रूप का चाँद.....
लिखना चाहती ह...
भूल गई हूँ..!...
धारा के विरुद...
तुम्हारी पसन्...
शिखर..!
सुनो राम..!
उसने ख़ुद को ...
'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे नया सा सुन लेता।' ए... 'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे...
फिर हवाओं में कहीं गुम हो जाती वो फिर हवाओं में कहीं गुम हो जाती वो
मुझे एक दिन और मिला इस संसार का हिस्सा बनने के लिए। मुझे एक दिन और मिला इस संसार का हिस्सा बनने के लिए।
भोग के लिए होती नहीं है सत्ता सेवा के लिए। भोग के लिए होती नहीं है सत्ता सेवा के लिए।
मैं अपनी हकीकत से खुद को नकार कर खुद की हकीकत खोजने में गुम हो चुका मैं अपनी हकीकत से खुद को नकार कर खुद की हकीकत खोजने में गुम हो चुका
भावनाओं की डोर पर तर्क के खंजर से न वार करना भावनाओं की डोर पर तर्क के खंजर से न वार करना
प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी। प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी।
आओ दोनों यह सुख-दुःख का जाम पी लेते हैं जो बची है ज़िन्दगी चलो एक साथ जी लेते हैं ! आओ दोनों यह सुख-दुःख का जाम पी लेते हैं जो बची है ज़िन्दगी चलो एक साथ जी लेते है...
ला साकी थोड़ी तो और शराब ला सागर को छलकने दे जी भर के तू अभी अंजुम की रोशनी में भी खि ला साकी थोड़ी तो और शराब ला सागर को छलकने दे जी भर के तू अभी अंजुम की रोशन...
मंत्रमुग्ध होकर इश्क़ की हरी ज़मीन पर जिंदगी के बाद भी, उम्र के बाद भी हमेशा के लिए। मंत्रमुग्ध होकर इश्क़ की हरी ज़मीन पर जिंदगी के बाद भी, उम्र के बाद भी हमेशा ...
वो कितना हसीन है पल , जहाँ मिलते हैं दो दिल वो कितना हसीन है पल , जहाँ मिलते हैं दो दिल
मुझ में अच्छे गुण भी हैं और बुरे गुण भी हैं मुझ में अच्छे गुण भी हैं और बुरे गुण भी हैं
रह लेता हूँ मैं भी अकेला, जैसे रहती हो तुम भी खोई, ये बेपरवाही या और ही कुछ है, तुम तो अब नादाँ नहीं... रह लेता हूँ मैं भी अकेला, जैसे रहती हो तुम भी खोई, ये बेपरवाही या और ही कुछ है, ...
याद है मुझे वो आपकी हर एक पसंद जो कभी बताया था नहीं मुझे याद है मुझे वो आपकी हर एक पसंद जो कभी बताया था नहीं मुझे
कोरे कागज़ पर रंग बिरंगी स्याही से, दिल के अरमानों को उकेरा था! कोरे कागज़ पर रंग बिरंगी स्याही से, दिल के अरमानों को उकेरा था!
वात्सल्य उनकी आँखों का वर्णन से है दूर बहुत वात्सल्य उनकी आँखों का वर्णन से है दूर बहुत
मैं उनसे ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाता रहूं और अपने परिवार को हर खुशी देता रहूं ! मैं उनसे ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाता रहूं और अपने परिवार को हर खुशी देता रहूं...
उन यादों को मन कभी ना भूल पाएगा ताउम्र यादों को जेहन में लेकर चलता जाएगा। उन यादों को मन कभी ना भूल पाएगा ताउम्र यादों को जेहन में लेकर चलता जाएगा।
कभी सामने आ खड़ी हो जाती है कभी कदमों के नीचे आ जाती है कभी सामने आ खड़ी हो जाती है कभी कदमों के नीचे आ जाती है
राष्ट्रपति मुर्मू जी इस संसार में महान किरदार है। राष्ट्रपति मुर्मू जी इस संसार में महान किरदार है।