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Krishna Khatri

Romance

3  

Krishna Khatri

Romance

तुम जो नहीं हो !

तुम जो नहीं हो !

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जिन्दगी पहले थी 

अब भी है 

मगर अब जिन्दगी में

वो पहले जैसे 

रंग नहीं, 

रंगोली नहीं,

पहले जैसी तो 

वो उमंग भी नहीं 

तुम जो नहीं हो!

जाने क्यों खफ़ा हो मुझसे,

अब तो हरदम

दिल ढूंढता है तुमको !

          


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