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Patel Shubh

Romance

4  

Patel Shubh

Romance

तुम ही हो

तुम ही हो

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तेरे बिना अब हम कैसे जिएंगे ,

तेरे बिना अब हम कैसे मरेंगे ,

तुझसे जुड़ा वो प्यार का सफर है ,

जिसने बनाया दिलो का हमसफ़र है ,

वो है रातो का लम्हा ना हो तेरे जेसा ,

ना हो तेरे बिना अब ख्वाबो में राज ,

क्युकी मेरा प्यार भी ,मेरी ज़िंदगी भी ,

मेरा हमसफर भी अब तुम ही हो , ....(1)

तेरा मेरा प्यार का वो कैसा है लम्हा ,

जिसने बनाया दिलो का नया सुबेरा ,

वो है चाँदनी रात के हसीन थे सपने ,

जिसमें समाये है मेरे दिलो के ख़्वाब ,

जो है स्वपनों के राज में ऐसे थे आये ,

जिससे मिला मुझको नया है किनारा ,

क्युकी मेरे स्वपन भी , मेरे दर्द भी ,

मेरी हर श्वास भी अब तुम ही हो ,.....(2)

तेरे ही प्यार की में गलियों से हूँ गुजरा ,

तेरे ही दिलो के हर धड़कन में हूँ समाया ,

वो है स्वपनों के राज का नया है सबेरा ,

जिसने बनाया दो दिलो का नया जमाना,

मेरे प्यार की दुनिया अब ना हो तेरे बिना ,

अब ना हो तेरे बीना मेरा प्यार है पूरा ,

क्युकी मेरा साथ भी ,मेरा हर लम्हा भी ,

अब तुम ही हो , अब तुम ही हो । ........(3)



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