तुम ही हो
तुम ही हो
तेरे बिना अब हम कैसे जिएंगे ,
तेरे बिना अब हम कैसे मरेंगे ,
तुझसे जुड़ा वो प्यार का सफर है ,
जिसने बनाया दिलो का हमसफ़र है ,
वो है रातो का लम्हा ना हो तेरे जेसा ,
ना हो तेरे बिना अब ख्वाबो में राज ,
क्युकी मेरा प्यार भी ,मेरी ज़िंदगी भी ,
मेरा हमसफर भी अब तुम ही हो , ....(1)
तेरा मेरा प्यार का वो कैसा है लम्हा ,
जिसने बनाया दिलो का नया सुबेरा ,
वो है चाँदनी रात के हसीन थे सपने ,
जिसमें समाये है मेरे दिलो के ख़्वाब ,
जो है स्वपनों के राज में ऐसे थे आये ,
जिससे मिला मुझको नया है किनारा ,
क्युकी मेरे स्वपन भी , मेरे दर्द भी ,
मेरी हर श्वास भी अब तुम ही हो ,.....(2)
तेरे ही प्यार की में गलियों से हूँ गुजरा ,
तेरे ही दिलो के हर धड़कन में हूँ समाया ,
वो है स्वपनों के राज का नया है सबेरा ,
जिसने बनाया दो दिलो का नया जमाना,
मेरे प्यार की दुनिया अब ना हो तेरे बिना ,
अब ना हो तेरे बीना मेरा प्यार है पूरा ,
क्युकी मेरा साथ भी ,मेरा हर लम्हा भी ,
अब तुम ही हो , अब तुम ही हो । ........(3)

