तुम ऐसे लगते हो
तुम ऐसे लगते हो
तुम ऐसे लगते हो
जैसे खुशबू ने सिंगार किया हो।
फूलों ने त्योहार किया हो।।
पलकों में अदब
खुमारी आँखों में
सुर्ख तुम्हारे होंठों ने
जैसे मुस्कानों का कारोबार किया हो।
शरम से कोई क़रार किया हो।।
तन चांदी
बिजली अंग अंग
झुमका, कंगना, पायल से
जैसे सरगम ने एतबार किया हो।
रागों ने तुमसे प्यार किया हो।।

