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Amit Kumar

Romance

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Amit Kumar

Romance

तुझे चाहा

तुझे चाहा

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तेरे दर्द को है अपनाया

दिल से तुझे चाहा हमने,

तेरी आँखों को सज़दे है किये

तेरी ज़ुल्फ़ों को सहलाया हमने,

तेरे दर्द को है अपनाया

दिल से तुझे चाहा हमने।


माना कि तू बहुत हसीन है

जग में कोई तुझसा ही नहीं

तू भी इतना जान ले

मिलेगा कोई हमसा भी नहीं

तेरे होठों को चूमा हमने

तेरे गालों को सहलाया हमने,

तेरे दर्द को है अपनाया

दिल से तुझे चाहा हमने।


तू दिल के इतने क़रीब है

अब तू ही मेरा नसीब है,

यह दिल जबसे तेरा है हुआ

मुझे तेरी हर शय अज़ीज़ है,

तेरी बातों को माना दिल ने

तेरे साथ को साथ दिया हमने,

तेरे दर्द को है अपनाया

दिल से तुझे चाहा हमने।


तू मेरे दिल का खुदा है बना

तेरी बन्दगी मेरी ज़िंदगी,

तेरी ज़ानिब यह दिल जबसे हुआ

बस तेरी ही कि है बन्दगी,

तू मेरी दुआओ का सिला

जो अपने खुदा से मांगी थी हमने,

तेरे दर्द को है अपनाया

दिल से तुझे चाहा हमने।

           



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