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मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

Romance

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मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

Romance

टूटती सांसें

टूटती सांसें

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240


मैं जी रहा हूँ 

एक आस लेकर ,

मैं जी रहा हूँ 

एक प्यास लेकर ,

मेरी आँखों की 

ज्योति हो तुम ,

मेरे हृदय की 

धड़कन हो तुम ,

तुम आ जाओ 

मधुमास लेकर ,

तुम आ जाओ 

जीवन सांस लेकर ।


तुम देख लो आकर 

जिंदगी जी रहा हूँ ,

कतरा - कतरा 

तुम भी महसूस करो ,

मेरी टूटती साँसें 

हृदय की रुकती गति ।

सच मानो -

बँधें हैं प्राण मेरे ,

तुम्हारी जुल्फों में ,

मत उड़ाना हवा में 

उड़ जायेंगे हवा में ।

मेरा हंसता-रोता चेहरा 

लेलेगा एक अजीब सी अाकृति 

क्या तुम उसे देख पाओगी? 

बताओ क्या देख पाओगी?

वो हृदय विदारक दृश्य सह पाओगी?



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