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VIVEK ROUSHAN

Abstract


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VIVEK ROUSHAN

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तटस्थ रहना

तटस्थ रहना

1 min 260 1 min 260

मैंने आदमी से सीखा है 

स्वार्थी होना 

मैंने जानवरों से सीखा है 

प्यार करना 

मैंने उजड़ते हुए जंगलों 

से सीखा है 

मुस्कुराते रहना 

मैंने नदियों से सीखा है 

खामोश होकर 

चुप-चाप बहना 

मैंने पहाड़ों से सीखा है 

टूटकर भी 

तटस्थ रहना |



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