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Praveen Gola

Abstract

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Praveen Gola

Abstract

टीकाकरण

टीकाकरण

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चार जून की सुबह बीती निराली  ,
जब सैर पर मिली अमलतास की क्यारी ,
चारों ओर बिखरे थे फूल अमलतास के ,
गर्मी आ गई है ऐसे अनोखे आभास थे |

दोपहर में पिया मठ्ठा निराला  ,
हाजमा हो कर भोजन पचा सारा ,
गर्मी में सबको पीना चाहिए खूब पानी ,
ताकि बीमारियों से लड़ सके ज़वानी |

रात में बैठ परिवार के संग  ,
थोड़ी मस्ती तो थोड़ी उमंग ,
जल्द कोरोना से सबको निजात मिलेगी ,
अब टीकाकरण की सुविधा घर - घर मिलेगी ||



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