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AKIB JAVED

Drama Tragedy Fantasy

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AKIB JAVED

Drama Tragedy Fantasy

ठोकर

ठोकर

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ठोकर

जो सिखाती है,

आगे बढ़ना।

ढकेलने से बचा लेती है,

गड्ढों में।

जिसमें भरी हुई है,

नीरसता, उबकाई,

तैयार है,

समा जाने को

अंतः मन में।

बचा लेगी

ठोकर,

जाने से

गड्ढों में।



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