STORYMIRROR

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Romance

3  

Amit Singhal "Aseemit"

Drama Romance

ग़ज़ब करते हो यार

ग़ज़ब करते हो यार

1 min
211

प्यार की जुस्तजू में निकला इस बार।

मैंने दर दर की ठोकरें खायीं हैं हज़ार।

आख़िर मिल ही गया, मुझे मेरा प्यार।

मगर इक़रार नहीं, ग़ज़ब करते हो यार।


तुम हमसे मोहब्बत करते हो बेशुमार।

हम से शरारत भी करते हो बार बार।

बोलने के बहाने अजब करते हो हज़ार।

वाह रे, तुम भी क्या ग़ज़ब करते हो यार।


तुम चुप रहकर बिन बोले करते हो इक़रार।

हमसे मिलने के बहाने भी करते हो हर बार।

हमारा दूर चले जाना भी करते हो नागवार।

फिर भी क्यूं न बोलकर ग़ज़ब करते हो यार।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama