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AVINASH KUMAR

Romance

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AVINASH KUMAR

Romance

ठहरो मेरे दिल में

ठहरो मेरे दिल में

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करो कुछ बात कि चैन आये दिल को

तेरी तस्वीर से बात करके थक गया हूँ मैं


रुको जरा ठहरो मेरे दिल में

जरा करार तो आये इस दिल को


आज मैंने फूलो से घर सजाया है

तुम गये तो खुशबू भी चली जायेगी


तेरी यादो के समंदर मैं डूब जाता हूँ

तैरता हूँ डूबता हूँ और गुम जाता हूं


"लाज्मी नही के आँखो से ही देंखू तुझे

तेरा तसव्व्वुर क्या तेरे दीदार से कम है"


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