STORYMIRROR

Pinky Dubey

Classics Others

4  

Pinky Dubey

Classics Others

तस्वीर

तस्वीर

1 min
24K

तस्वीरें होती थी हमारा सहारा

जब हम घर से दूर हुआ करते थे

आज तोह एैसा लगता है की मैं खुद ही

तस्वीर बन गया हूँ


बस फ़र्क़ इतना है की यह तस्वीर बोलती है

पूरे दिन में पोज़ भी सेम ही रहते हैं

यह तस्वीर कभी होल में तो

कभी बेडरूम मे दिखती है


बस जगह बदलती रहती है

बस इत्ज़ार है की अगर यह और यूँ ही चलता रहा

तो कहीं सच में तस्वीर न बन जाऊँ

और दिखूँ मैं कोई दीवार पर टंगा हुआ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics