STORYMIRROR

Israram Panwar

Drama

2  

Israram Panwar

Drama

तरु मरुधर में लगाओ

तरु मरुधर में लगाओ

1 min
179

तरु मरुधर में लगाओ

विटप को वल्लरी से सजाओ


कलरव हो डाली डाली

नभ में उड़े चटकाली


बरसे घटा काली काली

जन मन हरसे आली


तरु मरुधर में लगाओ

खेत खलिहान को लहराओ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama