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Sarita Kumar

Romance

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Sarita Kumar

Romance

तमन्ना

तमन्ना

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ढूंढते फिर रहें हैं 

लोग मुझे

जमाने भर में 

इधर से उधर 

मगर मिलें कैसे 

दबे हुए हैं 


उनके निगाहों में 

नायाब लेंस के पीछे 

कमबख्त डॉक्टर ने 

मुझे निकलने से पहले 

लेंस लगाया है 

न खबर उन्हें है न जमाने को 

कि हम दबे हुए किधर हैं


उनके आंखों में डूब जाने की तमन्ना ने 

मुझे जीते जी मार डाला है 

उनके आंखों में बसें हैं 

मगर लेंस के पीछे है

कहीं के नहीं रहें हम 

मेरी चाहत ने ही मुझे मारा है 


निकालेगा मुझे कौन 

बचाएगा मुझे कैसे 

वो डॉक्टर तो विदेश यात्रा पर निकला है 

उनके आंखों में डूब जाने की तमन्ना ने डूबाया है 


तैरने की गुंजाइश नहीं 

न निकलने का कोई रास्ता है 

अब ताउम्र मुझे यूं ही आंखों में बसे रहना है

मेरी चाहत और तमन्नाओं ने मुझे मारा है 

शिकवा और शिकायत करूं भी तो किससे 


मैंने खुद ही खुद की जान जोखिम में डाला है 

उनके आंखों में डूब जाने की तमन्ना ने 

मुझे मार डाला है।


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