STORYMIRROR

Pratibha Bhatt

Abstract Inspirational Others

4  

Pratibha Bhatt

Abstract Inspirational Others

थाप और लगाम

थाप और लगाम

1 min
313

घोड़े की थाप

और लगाम

दोनों इस बात

 का प्रतीक है

कि तेज गति से दौड़ना

ही काफी नहीं

रास्तों पर चलने के लिए

कोई पछतावे के लिए

जीवन की लगाम

सही जगह कसी

होनी चाहिए

घुमावदार, मोड़ 

अपरिचित रास्ते

फिर भी खोजना है

पहचान के लिए

अपने समर्थ

 का मालिक

इच्छाओं के घोड़े

पर सवार होकर

तय करता है

अनजान रास्ते

टेढ़े मेंढ़े सफ़र

ऊंची पहाड़ियों

से गुजर कर

ना दिखाई देनी

वाली सड़कें

पगडंडियां

किंचित मात्र

भय का तनिक भी

प्रशह नहीं

हार जीत

 के फैसले

शूरवीरों के

आड़े फिर

 नहीं आते.....



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract