तेरी यादों की बारिश
तेरी यादों की बारिश
वो सुरमई शाम की मुलाकातें
वो इंतजार की लम्बी रातें
वो फोन पे घण्टों बातें
चैटिंग में कटती रातें
एक दूजे के हो जाने के वादे
एक दूजे में खो जाने की चाहतें
बिन कहे समझते सब बातें
बिन लिखे ही पढ़ती सब आँखें
स्वप्निल ख्वाबों के बुनते धागे
इक मदहोशी सी थी सोए जागे
"मिस यू" के भी जो आते
वो मैसेज भी बहुत दे जाते
दिल को सुकून और राहतें
धड़कनें बढ़ाती थी आहटें
खामोशी में भी थी सुगबुगाहटें
दिल के लाॅकर में सेफ है सब
गुजरे लम्हों की "वो हसीं यादें
जब भी छलकती तुम्हारी "यादों की बारिश" की बौछार
तिरोहित हो जाते उसमें अंतर्मन के शुष्क एहसास।

