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Priya Srivastava

Romance

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Priya Srivastava

Romance

तेरी यादों की बारिश......

तेरी यादों की बारिश......

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तेरी यादों की बारिश में भीगी हूँ,

खोए हुए लम्हों में फिर से लौटती हूँ।

बूंदों की गिनती से जुदा तेरी हंसी,

मनमोहक राहों पर फिर से चलती हूँ।


बदली की छाया में छुपी है तेरी बातें,

हर एक बूँद गीत की तरह गुनगुनाती हूँ।

जब सजती है रिमझिम-सी तेरी हंसी,

दिल की धड़कनों को नए रागों में बसाती हूँ।


जब भी मिलती हूँ मैं बादलों से गले,

तेरी यादों की बारिश में भीगी हुई,

फिर से जी उठती हूँ।

आँखों में छुपी वो मीठी-सी चुप्पी,

कागज़ पर तेरे ख्वाबों को सजाती हूँ।


जब तू दूर हो, फिर भी पास-सा लगता है,

तेरी यादों की बारिश में मैं खुद को पाती हूँ।

बूंद-बूंद से गुनगुनाती हूँ तेरी कहानी,

बनती रहूँगी मैं तेरी सदा, यही सपना बुनती हूँ।


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