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Amit Singhal "Aseemit"

Abstract Drama Tragedy

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Amit Singhal "Aseemit"

Abstract Drama Tragedy

तेरे बिना

तेरे बिना

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तेरे बिना ज़िंदगी से कोई शिकवा तो नहीं, शिकवा नहीं।

तू ज़िंदगी में नहीं, कुछ भी हासिल तो नहीं, हासिल नहीं।


तू जो गया मेरी ज़िंदगी से, मेरी खुशियाँ तेरे साथ ले गया था।

मुझे तन्हा बेबस अकेला छोड़कर, ढेरों ग़म मेरे हाथ दे गया था।


मैं हर लम्हा गुज़ारता रहा कि तू वापस आएगा एक दिन मेरे पास।

मगर वक्त के गुज़रने के साथ टूटती गई, मेरी वह आख़िरी आस।


तू खुश रहना ,अब तो बस रब से है दुआ, जहां भी तू रहे।

चाहे दूर दूर रहें, मैं तेरा बनकर रहूं और मेरा बनकर तू रहे।


तेरे बिना ज़िंदगी में खुशियाँ शामिल तो नहीं, दिल यह कहे।

मेरी ज़िंदगी जीने के क़ाबिल तो नहीं, मगर तू कोई दुख न सहे।


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