तेरे बिना ये जीवन
तेरे बिना ये जीवन
मै जहांँ देखु वहाँ बस तू ही नज़र आती है,
रातभर ख्वाबों में तू मुझे सताया करती है।
तेरे ख्यालों से मन मे मायूसी छा छाती है,
तेरे मिलन के लिये दिल बेताब हो जाता है।
मेरे होंठो पर हरपल तेरा ही नाम आता है,
तन्हाई में भी अब तेरा ही एहसास होता है।
तेरी याद आते ही रोम रोम लहरता रहता है,
तुझे पाने के लिये मेरा मन बहुत तड़पता है।
तेरी तस्वीर देखकर इश्क की प्यास बढती है,
युगो युगो का नाता हो एसा ही मुझे लगता है।
अब आजा सनम तेरा मुझे इंतजार रहता है,
"मुरली" तेरा बिना ये जीवन अधूरा लगता है।
रचना:-धनज़ीभाई गढीया"मुरली" (ज़ुनागढ - गुजरात)

