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Vaishnavi Mohan Puranik

Romance

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Vaishnavi Mohan Puranik

Romance

तेरे बिना मैं कैसे जिऊं

तेरे बिना मैं कैसे जिऊं

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तेरे बिना हैं जीना मुश्किल 

तू ही हैं मेरा सब कुछ 

एक पल की भी दूरी सही ना जाए 

तुझसे ही हैं मेरा वजूद 

तेरे बिना मैं कैसे जीऊँ

कैसे जीऊँ मैं तेरे बिना 


सुबह मेरी तुझसे खिले

शाम मेरी तुझ पे ढले

हर लम्हा गुजरे मेरा तेरे साये तले

तेरे संग जीने में हैं मजा

तेरे बिना हैं जिंदगी एक सजा 

तेरे बिना मैं कैसे जीऊँ

कैसे जीऊँ मैं तेरे बिना 


हर वक्त करुं मैं तेरा जी कर

हर पल मुझे तेरी फिकर

तेरे सिवा आए ना मुझे कुछ नजर 

तुझसे ही हैं मेरे होंठों पे हंसी

तू जो ना हो साथ तो छाए उदासी

तेरे बिना मैं कैसे जीऊँ

कैसे जीऊँ मैं तेरे बिना


धुन - तुम ही हो (आशिकी 2)



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