तेरे आने की खबर जो मिली
तेरे आने की खबर जो मिली
तेरे आने की खबर जो मिली,
दिल यूं बाग-बाग हो गया,
शबनमी हो गई यह शाम,
फीकी पड़ गई चांद की चांदनी,
अरसों बाद तेरा दीदार जो हो गया,
रूह संदली सा हो गया,
तेरे रुखसार पर अलकों का यूं गिरना,
लजराती नैनो का यूं उठना- गिरना,
पागल मुझे बना दिया,
पर, हाय तूने इनकार का फरमान जो सुना दिया,
देकर इतनी खुशी क्यूं,
गम का प्याला पिला दिया,
क्यों मैं तेरे काबिल नहीं,
वह कौन था जो तेरे काबिल हो गया,
क्यों शाम को सुबह मैं समझ बैठा,
क्यों बेगाने से दिल लगा बैठा,
तड़पूंगा यूं ही तेरी याद में सारी जिंदगी,
तूने अश्कों का प्याला जो पिला दिया,
जिन्दगी जीने से पहले ही,
मरने का फरमान तूने सुना दिया ।।

