जो न लौटकर तुम आए यहाँ
जो न लौटकर तुम आए यहाँ
जो न लौटकर तुम आए यहाँ,
मुझे गिला नहीं इस बात का,
तूने भूला दिया मेरी याद को,
मुझे गम है इस बात का ।।
मुझे रुला दिया किसी बात पर,
मुझे इसका कोई गम नहीं,
तूने मुझसे जो नजरें चुरा ली,
मुझे गम है इस बात का।।
तेरे हमकदम चलती रही,
क्या इसका ये शिला मिला,
मिली मुझे तन्हाई का सफर,
तुझे हमसफर कोई और मिला।।
तुझे तलाश थी किसी अंजुम की,
वो राहगीर न तुझे मिल सका,
जो तूने मुझे शिला दिया,
तुझे भी रब ने रुला दिया।।
तेरे जाने का गम मुझे भी है,
पर अब तेरी जरूरत नहीं,
मेरी याद फिर आई तुझे,
पर मेरी तुम मंजिल नहीं ।।

