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GOPAL RAM DANSENA

Abstract

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GOPAL RAM DANSENA

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तेरा यहां कोई नहीं है

तेरा यहां कोई नहीं है

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तेरे दिल का फ़साना क्या सबको भा जाएगा

रोते हुए चेहरे पर तू क्या मुस्कान ला पाएगा I

शब्दों के समंदर में गोता लगा कर चल रहा

मिलों तक तेरे सामने हिलोरें ही उछल रहा

मापना है समंदर की गोदी क्या तू थाह पाएगा

तेरे दिल का फ़साना क्या सबको भा जाएगा I

थकना न हार के तू दूर तक बसेरा यहाँ कोई नहीं है

ये शब्दों का समंदर है प्यारे तेरा यहां कोई नहीं है I 


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