तेरा साथ
तेरा साथ
दो घड़ी होते जब साथ हो
तुम तपिश भी बरसात सी लगे
मांगते लोग सफर
लंबी जिंदगी का
पर सफर छोटा भी
संग तेरे गुलजार लगे
यूं तो सपनों में
कायनात मिल जाते हैं
पर मेरे एहसासों को
तेरी दाद मिल जाए
तो अच्छा लगे
साथ चलने का
एहसास तो कराते कई
पर दो घड़ी साथ तेरा
जन्नत सा लगने लगे
न प्यास मेरी
सागर सी गहराई जितनी
एक बूंद भी मिल जाए
तो अच्छा लगे।

