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Antariksha Saha

Romance

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Antariksha Saha

Romance

तेरा दीदार हुआ

तेरा दीदार हुआ

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तेरा दीदार हुआ

उसका शुखराना

बीहर आबाद हुआ

उसका शुकराना


अब मोहलत न थी इस ज़िन्दगी की

मोहलत ना थी उसकी बंदगी की

छोड़ तू चली गयी उस और

मेरे इस मयखाने मुझे छोड़


अब किसी और की हैं वह

खुश रहे वह

किसी और के सपने मैं आबाद रहे वह

तेरी आदत थी कभी


अभी तेरी पड़चाई की आदत हैं

गुमनाम सी इस ज़िन्दगी

उसी की आहट की आज़माइश है।


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