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Neerja Sharma

Abstract

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Neerja Sharma

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स्वार्थी

स्वार्थी

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अपने लिए जीए तो क्या जीए 

जीवन का सदा यह ध्येय लिए

आज कुदरत ने करिश्मे किए

मनुष्य के हाथ कमजोर किए ।


न सोचा था दिन ऐसा आएगा

घर में मानव कैद हो जाएगा

बड़ी बड़ी बातें करने वाला 

चूहे सा बिल में दुबक जाएगा ।


 न चाहते हुए भी सब करना पड़ता 

जीवन समझौता है समझना पड़ता 

कब क्या हो जाएगा यह जानना पड़ता

कुदरत के आगे झुकना पड़ता है।


अपने स्वार्थ के लिए दूसरों को नोचा 

लोभ में आगा-पीछा न सोचा 

कर्मों का फल ऐसा लगा धोखा

 स्वार्थ के लिए करना पड़ा सब खोटा।


कर्म किसी के भी हों

निर्दोष भी पिस जाता 

दोष दूसरों पर डालता

पर सब व्यर्थ ही जाता।


करोना कहर जब आया 

चीन हर जुबाँ पर आया

 सारा विश्व था थरथर्राया

अपना स्वार्थ समझाया।


अब केवल स्वार्थ काम आएगा 

 अपनों के लिए स्वार्थी बनाएगा 

घर में बंद हो अब रहना पड़ेगा

तभी जीवन दर आगे बढ़ेगा ।


मोदी जी की एक आवाज

सारा देश खड़ा हो गया साथ 

सबका है बस यही प्रयास

इक्कीस दिन पूर्ण घर वास।


अपनों के स्वार्थ में देश का स्वार्थ है 

गर हम ही नहीं तो क्या देश का राज है 

हम सब को लेना एक प्रण है

घर में , बस घर में रहना है ।


करोना न तब तक घर आएगा 

जब तक कोई बाहर न जाएगा

यह मुसीबत संग अपने न लाएगा

घर में रहो ,जीवन जीवंत हो जाएगा।


माना यह काम मुश्किल है 

पर कुछ नामुमकिन नहीं है 

मातारानी रानी की कृपा है

सात्विक जीवन धार बही है।


ये इक्कीस दिन की शुरूआत

नववर्ष ,गुड़ी पड़वा की बात 

नौ दिन नवरात्रि का पूजा पाठ

समय बीतते न पता चलेगा खास।


करोना को भी एक बार पड़ेगा सोचना 

कहाँ आकर मुझे पड़ा है रहना

इतना संयम न किसी और देश में दिखा 

भारत वर्ष सबसे ही अलग लगा।


हमारे संस्कार हमारा गर्व है

हम स्वार्थी नहीं पर स्वार्थसिद्ध हैं

अपने व अपने देश के लिए तत्पर हैं

बस इक्कीस दिन के स्वार्थी बने हैं ।


करोना को हराना हमारा ध्येय है 

हर देशवासी का यह कर्तव्य है 

मोदी जी हर बात को सुनना है

करोना को हरा इस युद्ध को जीतना है।


एक बात और रखनी है याद 

स्वार्थ केवल अपनों के लिए 

पर करोना को हराकर 

दानवीर। हर एक को बनना है।


21 दिन में देश कई साल पीछे जाएगा 

तब हर भारतवासी का संयम काम आएगा

न करना तब कोई अपने स्वार्थ की बात 

सहायक बन देना है सरकार का साथ।



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