STORYMIRROR

Gagandeep Singh Bharara

Romance

4  

Gagandeep Singh Bharara

Romance

सुनता कहां है वो

सुनता कहां है वो

1 min
241

बस मेरे ख्यालों को अपना,

समझ लेता है, वो।


मेरी हर आरज़ू को,

पूरा करने की ही सोच,

में डूबा रहता है, वो।


सुनता कहां है वो,

बस बिन सुने,

मेरी ज़िन्दगी का हर पल,

अपनी ज़िन्दगी में संजो,

सँवारता रहता है वो।

सुनता कहां है वो।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance