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Rushikesh Suryawanshi

Romance

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Rushikesh Suryawanshi

Romance

तुम मेरे पास रहना

तुम मेरे पास रहना

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चाहे धरती ना रहे चाहे आसमान फट जाये

धुप रहे ना रहे चाहे मेरी परछाई छूट जाये

चाहे कोई नजर ना आये चाहे महफ़िल जमा हो

चाहे दिल टूट जाये चाहे किसी का साथ छूट जाये

वो तो बस परछाई है धुप है तब तक साथ रहेगी 

और बिछड़ जायेगी जब तलक रात रहेगी

मगर बस तुम मेरे पास रहना


चाहे तुझे मिलने का बहाना ना मिले या चाहे मैं मिल ना पाऊँ

चाहे तेरे पैरों के निशाँ मिले या चाहे मैं वो ढूँढ ना पाऊँ

चाहे बिछड़े रास्ते पर हम भी बिछड़ जाये

ये नदियाँ,हवाएं,दरिया और ये चाँद आधा हो या पूरा हो

शब-ओ-रोज के चाँद या सूरज जैसे तुम मेरे पास रहना

तुम खास हो और खास रहना मगर तुम बस मेरे पास रहना


माना के यहाँ सितारे बहुत है माना के यहाँ नज़ारे बहुत है

तुम साथ हो तो इस में मजा है तुम ना हो तो लगती बस सजा है

चाहे ये सितारे रूठ जाये चाहे ये चाँद बाहर आने से शरमाये

चाहे जिंदगी में सैलाब आ जाये चाहे जिंदगी में तूफ़ान थम जाये

तुम बस मेरे पास रहना।।


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