STORYMIRROR

नमिता गुप्ता 'मनसी'

Abstract

4  

नमिता गुप्ता 'मनसी'

Abstract

सुनो कवि

सुनो कवि

2 mins
209

सुनो कवि..

कर सकते हो तो करो

तुम रास्ता दिखाओ

कागज़ों में दुबकी सभ्यताओं से ,

परिचित कराओ युवा पीढ़ी को

पुरातत्व होने के मायने ,

सिखाओ उन्हें भी कि

बुरा नहीं है प्राचीन होना ,

बुरा है, प्राचीन को सिर्फ प्राचीन ही समझना

हमेशा ,

उनके समक्ष प्रस्तुत करो

अधमिटे दस्तावेज

जिनका पूरा किया जाना बाकी है अभी !!


सुनो कवि..

कर सकते हो तो करो आविष्कार

ऐसी आग का

कि जिसका धुंआ कभी जहर न घोले

हवाओं में !!


सुनो कवि..

यदि पुनर्जीवित कर सकते हो 

पुरानी सभ्यताओं को 

तो इसकी खबर मुझे जरूर देना ,

देखना चाहूंगी कि 

कहां तक पहुंचाएगा मनुष्य को

ये पहिए का आविष्कार !!


सुनो कवि..

पढ़ सकते हो तो जरूर पढ़ना

वो दीवारों में जड़ी हुई प्रेम कहानियां ,

सिर्फ देह का स्पर्श नहीं

मन को छू जाना होता है प्रेम

हो सके तो खंगालकर लाना

सारी कविताएं

आत्मिक प्रेम की !!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract