सुकून
सुकून
सुकून की तलाश से हर कोई भाग रहा है,
कोई दौलत तो कोई सपनों के लिए जाग रहा है।
लेकिन कोई यह नहीं जानता की,
सुकून तिजोरी में ना होती।
यह तो अपने ही पास-पास, दिल के अंदर होती,
"सुकून तो वहाँ मिलता है जहाँ प्यार और विश्वास होता है।
ये थकान को दूर करती, चेहरे पर मुस्कान लाती है।।
सुकून दुकानों या मकानों में नहीं बिकती,
मन शांत और नियत साफ़ होने पर अपने आप मिल जाती।
लेखक — न्यूसन साहू
