STORYMIRROR

Shalinee Pankaj

Fantasy

4  

Shalinee Pankaj

Fantasy

सुकून की तलाश में

सुकून की तलाश में

1 min
747

दिल करता है

कभी कभी 

शहर के शोर से दूर

इन जंगलों में खो जाऊँ

तुम्हारे साथ।


न कोई आवाज पीछा करें

न लोग कोई साथ रहे

सब जिम्मेदरियां

कुछ पल को भूल

गुम हो जाऊं।

 

इन शांत खड़े वृक्षों के नीचे

कुछ सुकून के लम्हे बिताऊँ

तेरे कांधे में सर रख

ले लूँ हल्की झपकी

बस यूँ ही पूरी जिंदगी।


निश्चिन्त हो लहराऊँ

इन पत्तियों के साथ

और तेरा हाथ थामे 

मिलों चलूँ।


इस हरियाली के बीच

और राह ही न मिले

बाहर तक जाने की।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy