सोचा ना था
सोचा ना था
कर के प्यार तुमसे यूँ तड़फेंगे सोचा ना था
मिलेगी सज़ा-ए-तन्हाई सोचा ना था।
कहना तो चाहा तुमसे बहुत कुछ
पर ये जुबाँ छोड़ देगी साथ सोचा ना था।
मेरी तन्हाई मेरा शौक नहीं ए दिलबर
ये सितम हम पे भी होगा सोचा ना था।
चाँदनी बन कर बरसती हैं यादें तेरी
तन्हाई में सुकुँ देंगी हमने सोचा ना था।
माना कि कोई वास्ता नही तुम्हारा हमसे
तुम्हारे हिस्से का वक्त कटेगा तन्हा सोचा ना था।
क्या कहूँ अपनी ज़िन्दगी का जो हुआ करते थे
ज़िन्दगी वो यूँ बिछड़ जाऐंगे सोचा ना था।
कैसे कटेगी ये तन्हा रातें तुम बिन
घड़ियां हो जाएंगी लम्बी सोचा ना था।

