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Neeraj Agarwal

Classics Inspirational

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Neeraj Agarwal

Classics Inspirational

सोच

सोच

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सोच ही जीवन में मन‌ की रहती है

जीवन जीते धन‌ के साथ भाव रहते हैं।


पल भर के लम्हें में सोच बदलती है।

हां सच मन भावों के जीवन बदलता है।


मोह माया संग सोच हम सबकी रहती है

मन के साथ-साथ हम सभी समझते हैं।


सोच हमारी मानवता के रंगमंच से होती है

धन दौलत शोहरत सब संसारिक होता है।


ईर्ष्या स्वार्थ और फरेब की सोच रखते हैं

बस मन भाव के साथ हम सभी समझते हैं।


सच केवल एक सोच ही हमारी रहती है

मन भावों में हम मानवता कहां मानते हैं।


सोच हमारी आर्थिक स्तर से बनती है

मन भावों में धन संपत्ति का अहम रहता हैं।


सच हां सोच मन भावों की कल्पना होती है

कुदरत और विधि जीवन का सच होती है।


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