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VIVEK ROUSHAN

Abstract

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VIVEK ROUSHAN

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संवाद

संवाद

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चाय के दुकान पर बैठ 

चाय का स्वाद लेते हुए 

कवि भाई 

अखबार पढ़ रहे थे 

अखबार के मुख्यपृष्ठ पर लिखा था 

की " वित्त वर्ष २०२०-२१ में 

भारत का विकास दर २-३ प्रतिशत 

रह सकता है "

तभी 

अचानक बहुत दिन बाद 

कवी भाई के पुराने मित्र विकास

दूकान के पास से गुज़रते दिख गए 

मित्रता घनिष्ट नहीं थी 

पर दोनों पुराने दोस्त थे 

कवी भाई ने अपने मित्र को रोक लिया 

बोले- कहाँ गायब थे विकास भाई 

आप तो एकदम लुकाइये गए हैं, 

विकास भाई बोले-

ऐ ! कवी भाई 

काहे आप हमरा ढूँढ़ते रहते हैं मर्दे 

आप कम्युनिस्ट हैं का 

जब देखिए तब हमरे ढूँढ़ते रहते हैं 

हमको भी मरवाइये के चैन 

लीजियेगा आप न ! 

बताइये आप 

जब 

उत्तर प्रदेश का विकास मारा गया

बिहार का विकास डूब गया 

और देश का विकास 

आत्मनिर्भर हो गया 

तो आप हम जैसे तुच्छ 

आदमी को काहे ढूँढ़ते रहते हैं 

आप भी आत्मनिर्भर बनिए 

और हमको भी आत्मनिर्भर बन के 

लुकाईल रहने दीजिये 

नहीं त मरा जाइएगा या डूब जाइएगा 

कवी भाई - हँ ! विकास भाई 

जाने बा त जहान बा !

लुकाईल रह |

 



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