STORYMIRROR

Umesh Shukla

Fantasy Inspirational

3  

Umesh Shukla

Fantasy Inspirational

संसद के नए भवन से

संसद के नए भवन से

1 min
133

संसद के नए भवन से किंचित

हो नई राजनीति की शुरुआत

आम जनता की समस्याओं पर

वहां हो पूरी गंभीरता से बात

हे ईश्वर ! माननीयों के हृदय में

भरो जन पक्षधरता का सिंधु

तब शायद ये संसद बन सके घोर

तिमिर से घिरे लोगों के लिए इंदु

माननीयों को नजर आएं बेकारी

महंगाई जैसी जन पीड़ाएं तमाम

जन समस्याओं के उचित निपटारे

के लिए होते रहें समुचित इंतजाम।  



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy