सनक
सनक
आखों की तकलीफें
दूर कर दिल से देखो
रूह को छूना चाहोगे
मेरी है ये सनक
कहती है चमक पाओगे
मेरे बरसने पे
यकीन है मुझे उसपे
मिलाएगी ये तकदीर हमें
बस दे दो अपनी महफिल में
मिलने की इजाजत
वरना यादों में भी
जिंदा हो तुम हर समय।

