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Dr.Pratik Prabhakar

Drama

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Dr.Pratik Prabhakar

Drama

संचय

संचय

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मुस्कुराते पति के

बटुए का वज़न कम

झेंपती पत्नी का रहना नरम

संचय का नया रूप है


पत्नी जो इकट्ठा करती

क्या खुद के लिए ?

नहीं ! जब आता वक्त

इसी पैसे की गठरी खोल देती

परिवार के लिए


अपने संसार के लिए

तभी तो वजन हो चाहे कम

बटुए का

पति मुस्कुराता ही रहता है

हमेशा।


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